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हाशिमपुरा फैसले के बाद हमले की फिराक में आतंकी

Posted on 24-03-2015 by Kuldeep Tyagi

 
हाशिमपुरा फैसले के बाद हमले की फिराक में आतंकी

मुरादाबाद । मेरठ में 28 साल पहले हुए दंगे का फैसला आने के बाद कुछ आतंकी संगठन पीएसी वाहिनियों पर हमला करने की फिराक में हैं। खुफिया एजेंसियों से इस बाबत अलर्ट जारी होने के बाद पीएसी वाहिनियों की सुरक्षा मजबूत की जा रही है। अब वाहिनियों में कमांडो की एक क्यूआरटी (क्विक रिएक्शन टीम) होगी। अत्याधुनिक हथियारों से लैस इस टीम को विशेष कमांडो प्रशिक्षण दिया जाएगा। पश्चिमी जोन आइजी ने सभी सेनानायकों को इस आशय का पत्र भेजा है।

अलर्ट के बाद पीएसी मुख्यालय ने सभी बटालियनों में सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने के निर्देश जारी किए हैं। आइजी पश्चिमी जोन सुनील गुप्ता ने बताया कि 11 जवानों की टीम का गठन करने का निर्देश सभी सेनानायकों को जारी कर दिया गया है। इस टीम में एक इंस्पेक्टर, दो सब-इंस्पेक्टर और आठ जवान शामिल किए जाएंगे। क्यूआरटी को विशेष प्रशिक्षण देने के इंतजाम किए जाएंगे। इसका गठन एक हफ्ते में होना है। प्रशिक्षण के बाद क्यूआरटी चौबीस घंटे वाहिनी की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेगी। आइजी ने सोमवार को 23वीं वाहिनी पहुंचकर वार्षिक निरिक्षण भी किया।

तो क्या हाशिमपुरा में दंगा ही नहीं हुआ

दंगे की आग में झुलसे और 28 साल बाद आए फैसले से आहत हाशिमपुरा की बाबत एक आरटीआइ में इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई है। आरटीआइ में मिले जवाब के मुताबिक पिछले साढ़े चार दशक में महज आठ लोग विभिन्न घटनाओं में मारे गए। इनमें हाशिमपुरा-मलियाना के दंगों का जिक्र तक नहीं है। शहर के सोहराब गेट निवासी लोकेश कुमार खुराना ने पुलिस महानिदेशक कार्यालय से गत वर्ष आरटीआइ में 1970 से पत्र प्राप्ति (25 मई, 2014) तक हुई सांप्रदायिक घटनाओं एवं दंगों में कितने लोग मारे गए, इसका जवाब मांगा था। इसके जवाब में 28 साल पहले के हाशिमपुरा दंगे का जिक्र तक नहीं है, जिसमें 42 लोग एक साथ मारे गए थे।

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