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चीनी पर्यटकों को वीजा ऑन अरायवल पर विचार

Posted on 25-03-2015 by Kuldeep Tyagi

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चीनी पर्यटकों को वीजा ऑन अरायवल पर विचार

 

नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के पहले भारत चीनी पर्यटकों को वीजा ऑन अरायवल की सुविधा दे सकता है। पयर्टन मंत्रालय ने पांच और देशों को यह सुविधा देने का प्रस्ताव किया है, जिनमें चीन भी शामिल है। गृह मंत्री राजनाथ सिंह के साथ बैठक के बाद पर्यटन मंत्री महेश शर्मा ने चीन को जल्द ही यह सुविधा दिए जाने की उम्मीद जताई है। फिलहाल 43 देशों के नागरिकों को यह सुविधा दी जा रही है। अगले वित्तीय वर्ष में इसका विस्तार 150 देशों तक किए जाने का लक्ष्य है।

महेश शर्मा के अनुसार चीन, ब्रिटेन, फ्रांस, इटली और स्पेन को वीजा ऑन अरायवल की सुविधा वाले देशों की सूची में शामिल करने पर राजनाथ सिंह के साथ चर्चा हुई। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले चार-पांच दिनों में इसकी घोषणा की जा सकती है।

गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि 27 नवंबर को 43 देशों को इसकी सुविधा देने के बाद पर्यटकों की संख्या में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। अकेले अमेरिका से अब हर महीने 30 हजार से अधिक पर्यटक भारत आ रहे हैं, जिनकी संख्या पहले एक हजार से अधिक नहीं होती थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की घोषणा के अनुसार 15 अप्रैल से मॉरीशस को वीजा ऑन अरावयल की सुविधा वाले देशों में शामिल कर लिया जाएगा। गृह मंत्रालय इस साल के अंत तक यह सुविधा 150 देशों को देने की तैयारी में जुटा है।

भारत आते ही स्वागत कार्ड

महेश शर्मा ने कहा कि जल्द ही सभी पर्यटकों को भारत की धरती पर कदम रखते हुए स्वागत कार्ड दिया जाएगा। 12 भाषाओं में छपे इस कार्ड में पर्यटकों को यात्रा के दौरान सतर्कता बरतने का निर्देश भी होगा। इनमें टैक्सी के नंबर प्लेट का फोटो अपने करीबी को वाट्सऐप या ईमेल पर भेजने जैसी सुरक्षा जैसे उपाय शामिल किए गए हैं।

सुरक्षा संबंधी चिंताओं पर विचार करेगा गृह मंत्रालय

गृह मंत्रालय के अधिकारियों को बाकी चार देशों को यह सुविधा देने पर कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन चीन को यह सुविधा दिए जाने के बारे में एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इसके पहले राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दूर करना जरूरी है। इनमें अरुणाचल प्रदेश के लोगों को चीन द्वारा नत्थी वीजा देने का मामला भी शामिल है। उन्होंने कहा कि अभी तक चीन को यह सुविधा देने पर कोई फैसला नहीं हुआ है। हालांकि, गृह मंत्रालय पर्यटन मंत्रालय के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। सूत्रों के अनुसार राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर चीन को यह सुविधा देने का खुफिया ब्यूरो तीखा विरोध कर रहा है।

 

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