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आइएस ने बनाई बाल सेना, 400 नाबालिगों की भर्ती की

Posted on 25-03-2015 by Kuldeep Tyagi

  • आइएस ने बनाई बाल सेना, 400 नाबालिगों की भर्ती की

बेरुत। सीरिया और इराक में अपने घटते प्रभाव के बीच आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आइएस) ने बच्चों की सेना तैयार कर ली है। इन्हें 'खलीफा के बाल सैनिक' नाम दिया गया है। सीरिया में इस साल अब तक कम से कम 400 ऐसे सैनिकों की भर्ती की जा चुकी है। मानवाधिकार संगठन सीरियन ऑब्जरवेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

संगठन के अनुसार इन बच्चों को सेना की तरह लड़ाई का प्रशिक्षण दिया जाता है। उनमें कट्टरपंथ की भावनाएं कूट-कूट कर भरी जाती है। इनकी तैनाती स्कूलों, मस्जिदों और उन सार्वजनिक जगहों पर की जाती है जहां आतंकी लोगों को बर्बर यातनाएं देकर मौत के घाट उतारते हैं। बच्चों को जासूसी और आइएस मुख्यालय की सुरक्षा के काम में भी लगाया जाता है।

ऑब्जरवेटरी के प्रमुख रामी अब्दुल रहमान ने बताया कि बच्चों को अपने प्रशिक्षण शिविर में भेजने के लिए आइएस अभिभावकों को भी प्रोत्साहित कर रहा है। इसके बदले में उन्हें आर्थिक मदद से लेकर कई तरह के प्रलोभन भी दिए जाते हैं। गौरतलब है कि पिछले तीन महीने में बंधकों की हत्या के आइएस ने दो ऐसे वीडियो जारी किए हैं जिनमें बच्चे नजर आते हैं। इनमें से आखिरी वीडियो में एक बच्चा इजरायली जासूस को गोली मारते दिखा था।

नाबालिगों पर नजर क्यों?

-आइएस से जुडऩे वाले वयस्कों की संख्या में कमी आई है। तुर्की सीमा पर कड़ी निगरानी के कारण इस साल अब तक 120 वयस्क ही जुड़ पाए हैं।
-बच्चों का आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है और इससे कट्टरपंथ की भावना अगली पीढ़ी तक पहुंचाई जा सकती है। 
-अमेरिका के नेतृत्व में हवाई हमलों के बाद से संगठन लड़ाकों की कमी से जूझ रहा है।
सीरिया-इराक साथ-साथ

आइएस का मुकाबला करने के लिए मंगलवार को सीरिया की राजधानी दमिश्क में सीरिया और इराक के विदेश मंत्रियों के बीच बैठक हुई। इसमें दोनों देशों की सेना के बीच सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। गौरतलब है कि सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद के प्रति अमेरिका के रवैये में नरमी के बाद यह मुलाकात हुई है। इस बीच, इराक ने अमेरिका से हवाई हमलों में और तेजी लाने की अपील की है।

इस्लामिक स्टेट के खिलाफ मिशन का विस्तार करेगा कनाडा

ओटावा : कनाडा ने इस्लामिक स्टेट के आतंकियों के खिलाफ अपने मिशन का विस्तार करने की योजना बनाई है। योजना के तहत कनाडा अब सीरिया और इराक में हवाई हमले करेगा। वर्तमान में कनाडा के 70 विशेष बल उत्तरी इराक में मौजूद हैं। अमेरिका के नेतृत्व में हवाई हमलों में उसके छह जेट भी शामिल हैं। 

सऊदी बनाएगा सैन्य अड्डा

रियाद : यमन में शिया हाउती विद्रोहियों के बढ़ते प्रभाव को देख सऊदी अरब सतर्क हो गया है। उसका मानना है कि शिया विद्रोहियों को आगे कर ईरान छद्म युद्ध शुरू करने की कोशिश कर रहा है। इसे देखते हुए सऊदी ने यमन की सीमा के पास सैन्य अड्डा बनाने का फैसला किया है। 

लीबिया के रास्ते यूरोप में घुसने की फिराक में आइएस

लंदन : ब्रिटेन ने चेतावनी देते हुए कहा है कि आइएस लीबिया के रास्ते यूरोप में दस्तक देने की कोशिश कर रहा है। हाउस ऑफ कॉमंस की विदेश मामलों की समिति ने मंगलवार को कहा कि उत्तरी अफ्रीका में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए आइएस ने हमले शुरू कर दिए हैं। वह मुअम्मर गद्दाफी के पतन के बाद लीबिया में जारी अस्थिरता का फायदा उठाने में जुटा है। समिति ने कहा है कि लीबिया यूरोप के काफी करीब है। ऐसे में उस देश में हिंसा की घटनाएं यूरोप की सुरक्षा के लिए चिंताजनक हैं।

आतंकी हमले का शिकार बना संग्रहालय खुला

ट्यूनिश : ट्यूनीशिया की राजधानी ट्यूनिश में स्थित बारदो संग्रहालय फिर से पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। मंगलवार को इस मौके पर काफी संख्या में लोग मौजूद थे। पारंपरिक कपड़ों और वाद्य यंत्रों के साथ ट्यूनीशिया के कलाकार पर्यटकों का स्वागत कर रहे थे। आतंकी हमले में मारे गए लोगों को इस मौके पर श्रद्धांजलि भी दी गई। 18 मार्च को इस संग्रहालय पर हुए हमले में 20 विदेशी सैलानियों सहित 22 लोग मारे गए थे। आइएस ने हमले की जिम्मेदारी ली थी। 

दक्षिणी सूडान में 250 बाल सैनिक रिहा

संयुक्त राष्ट्र : दक्षिण सूडान के एक सशस्त्र गिरोह ने चार लड़कियों सहित 250 बाल सैनिकों को रिहा कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र के उप प्रवक्ता फरहान हक ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने 400 अन्य बाल सैनिकों के अगले दो दिनों में रिहा होने की उम्मीद जताई है। हक ने बताया कि सशस्त्र समूह साउथ सूडान डेमोक्रेटिक आर्मी कोबरा फैक्शन के पास 3,000 बाल सैनिक हैं। हक ने बताया कि सरकार और सशस्त्र समूह के बीच शांति समझौता होने बाद यह बच्चों की तीसरी रिहाई थी। यूनिसेफ के मुताबिक दक्षिणी सूडान में पिछले साल सशस्त्र समूहों द्वारा 12,000 बच्चों की भर्ती की गई थी।

 

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